शिक्षा, खेल और पुस्तकालय पर जोर; प्रतिभाओं का सम्मान किया, दीपों से जगमगाई वाल्मीकि बस्ती
NEXT 27 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। मोमासर बास स्थित वाल्मीकि बस्ती में भगवान वाल्मीकिजी का प्राकट्य दिवस श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर भगवान वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना, आरती, भजन-कीर्तन, ध्वज पूजन और शोभायात्रा सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम हुए। आयोजन में समाज की एकता, बच्चों की शिक्षा, युवाओं को खेलों से जोड़ने और भगवान वाल्मीकि मंदिर के नवनिर्माण पर जोर दिया गया। मंदिर निर्माण के लिए पंडाल पुजारी श्रवण मलघट ने अपनी टीम की ओर से 1 लाख 51 हजार रुपए की सहायता देने की घोषणा की।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर को फूलों से सजाया गया। बालिकाओं और महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में झांकी एवं शोभायात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा मंदिर से रवाना होकर वाल्मीकि बस्ती के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंची। श्रद्धालुओं ने भगवान वाल्मीकि के जयकारे लगाए। वहीं, वाल्मीकि मंदिर ग्राउंड समिति की ओर से चार दिनों तक अखंड दीप प्रज्वलित किया गया। प्राचीन वाल्मीकि मंदिर में ध्वज सम्मान एवं ध्वज पूजन का कार्यक्रम भी हुआ।
शिक्षा से ही समाज की प्रगति संभव
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगरपालिका मंडल के नेता प्रतिपक्ष राधेश्याम सारस्वत ने कहा कि भगवान वाल्मीकिजी सभी के लिए पूजनीय हैं। समाज की उन्नति के लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को शिक्षित करने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा शेरनी का दूध है, जो इसे पीएगा, वह दहाड़ेगा। विशिष्ट अतिथि पूर्व पार्षद प्रकाश चंद मलघट ने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए मंदिर के नवनिर्माण का आह्वान किया। पूर्व पार्षद कालूराम वाल्मीकि ने मंदिर निर्माण में हरसंभव सहयोग एवं सेवा का आश्वासन दिया। पार्षद प्रतिनिधि सूर्यप्रकाश मलघट ने भी समाज के साथ खड़े रहकर निर्माण कार्य में सहयोग की बात कही।
कार्यक्रम के संयोजकएडवोकेट पुखराज तेजी ने कहा कि सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग से भगवान वाल्मीकि मंदिर का नवनिर्माण शुरू किया जा सकता है। उन्होंने मंदिर परिसर में बच्चों के लिए पुस्तकालय संचालित करने की आवश्यकता बताई, ताकि समाज के बच्चों को अध्ययन के बेहतर अवसर मिल सकें। मंदिर समिति अध्यक्ष श्रीकिशन मलघट ने निर्माण कार्य शीघ्र शुरू करने और समाज के लोगों से आर्थिक सहयोग देने की अपील की। कॉमरेड सुभाष जावा ने भी मंदिर निर्माण एवं समिति के कार्यों में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
युवाओं को शिक्षा और खेलों से जोड़ने का आह्वान
वाल्मीकि मंदिर ग्राउंड समिति, श्रीडूंगरगढ़ के संयोजक जीवराज वाल्मीकि, अध्यक्ष सुरेंद्र वाल्मीकि और समिति के अन्य सदस्यों ने समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने तथा युवाओं को पढ़ाई के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से शिक्षा को प्राथमिकता देने, खेलों में आगे बढ़ने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समिति ने सामाजिक एकता और जागरूकता के माध्यम से नई पीढ़ी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
प्रतिभाओं का सम्मान, दीपों से जगमगाई बस्ती
कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली समाज की विभूतियों को अतिथियों के हाथों प्रशस्ति पत्र भेंट कर सम्मानित किया गया। भगवान वाल्मीकि मंदिर समिति की ओर से मोहल्ले के प्रत्येक घर में दीपक वितरित किए गए। रात्रि में दीपों की रोशनी से पूरी वाल्मीकि बस्ती जगमगा उठी और वातावरण भक्तिमय हो गया।
कार्यक्रम को विमल पंवार, चेनरूप तेजी, धनराज तेजी, सोनू वाल्मीकि, सुंदर तेजी, विशाल शेट्टी, सनी वाल्मीकि, कुनाल चांगरा और किशन चांवरिया सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और पुरुष शामिल हुए। अंत में कार्यक्रम के संयोजक एवं संचालक पुखराज तेजी एडवोकेट ने अतिथियों, समाजबंधुओं और आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

























