नौतपा के छठे दिन बदला मौसम; पेड़ उखड़े, बिजली पोल गिरे, हाईवे पर थमी रफ्तार, ठंडी हवाओं से मिली गर्मी से राहत
NEXT 30 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। नौतपा के छठे दिन शनिवार को मौसम ने ऐसी करवट बदली कि तपती धरती पर राहत की फुहारें बरस पड़ीं। दोपहर करीब 3:15 बजे पाकिस्तान की ओर से उठे रेत के विशाल बवंडर ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही मिनटों में काली-पीली आंधी ने आसमान को ढक दिया और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया।

आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की खिड़कियां-दरवाजे बंद करने पड़े, बाजारों में दुकानदारों ने शटर गिरा दिए और हाईवे पर वाहनों की गति थम गई। अंधेरा इतना घना था कि कई स्थानों पर सोलर लाइटें भी जल उठीं।
आंधी के बाद मौसम ने दूसरा रंग दिखाया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई और श्रीडूंगरगढ़ के कई गांवों में चने के आकार के ओले भी गिरे। शाम तक चली ठंडी हवाओं ने तापमान में उल्लेखनीय गिरावट ला दी और नौतपा की भीषण गर्मी का असर लगभग खत्म हो गया।
अंधड़ से हुआ नुकसान, पेड़ और बिजली पोल गिरे
तेज हवाओं के कारण कई गांवों में पेड़ धराशायी हो गए, वहीं कई स्थानों पर बिजली के पोल टूटकर गिर गए। अचानक बदले मौसम ने कुछ समय के लिए जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
अंधड़ के बीच दो जगह लगी आग, दमकल ने समय रहते पाया काबू
तेज अंधड़ के दौरान मोमासर बास स्थित जोशी अस्पताल के पीछे एक मकान में आग लग गई। सूचना मिलते ही नगरपालिका की दमकल मौके पर पहुंची और आग पर काबू पा लिया।
झंवर बस स्टैंड के पास एक फैक्ट्री के बाहर रखे पाइपों में भी आग भड़क उठी। तेज हवा के कारण आग फैलने लगी, लेकिन दमकल की तत्परता और बाद में शुरू हुई बारिश से आग को बढ़ने से रोक लिया गया। दोनों घटनाओं में बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
घायल पक्षियों के लिए सेवा समिति की अपील
आंधी और तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पक्षी और उनके घोंसले पेड़ों से नीचे गिर गए। घायल पक्षियों और अन्य जीवों के बचाव के लिए सेवा समिति ने हेल्पलाइन नंबर 8455818181 जारी किया है। समिति ने आमजन से अपील की है कि किसी भी घायल पक्षी या जीव की सूचना तुरंत दें, ताकि उसका रेस्क्यू और उपचार कराया जा सके।






















