रेलवे पटरियों के पास प्रशासन की कार्रवाई; वर्षों पुरानी सींव हटाने का आरोप, मौके पर बढ़ा तनाव
NEXT 29 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे की रोही में शुक्रवार सुबह एक बेशकीमती जमीन के सीमांकन (पत्थरगढ़ी) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रशासन द्वारा खसरा नम्बर 806 की पत्थरगढ़ी करवाने पहुंची टीम का भाजपा नेता विनोद गिरी गुसाईं ने विरोध किया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें बीएनएस की धारा 170 के तहत शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर थाने पहुंचा दिया।
जानकारी के अनुसार खसरा नम्बर 806 का मौके पर स्पष्ट अस्तित्व नहीं होने के चलते जमीन मालिक पक्ष ने प्रशासन से सीमांकन करवाने की मांग की थी। इस पर प्रशासन ने 27 मई को कार्रवाई के आदेश जारी किए थे, लेकिन पुलिस जाप्ता नहीं मिलने से कार्रवाई टाल दी गई। शुक्रवार सुबह पुन: आदेश जारी होने के बाद तहसील प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
बताया जा रहा है कि विवादित खसरे के पास ही भाजपा नेता विनोद गिरी गुसाईं का खेत स्थित है। प्रशासन ने वर्षों पुरानी बनी सींव को अमान्य मानते हुए पत्थरगढ़ी शुरू कर दी। इसी दौरान गुसाईं ने विरोध जताया और मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। बाद में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
गुसाईं को थाने ले जाने के बाद राजस्व टीम ने मौके पर पत्थरगढ़ी की कार्रवाई पूरी करवाई। मौके पर तहसीलदार श्रीवर्धन शर्मा, नायब तहसीलदार सरजीत सिंह धायल, गिरदावर चैनसिंह, पटवारी सीताराम नाई मौजूद रहे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खसरा नम्बर 806 वर्षों से आसपास के खेतों की सींवों में दबा हुआ था और मौके पर उसका स्पष्ट अस्तित्व नहीं था। बताया जा रहा है कि मूल मालिक जैन परिवार ने यह जमीन बिना कब्जे के ही स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर्स को बेच दी थी। बाद में जमीन बीकानेर के एक व्यक्ति को बेची गई।
सूत्रों के अनुसार इस जमीन की खरीद-फरोख्त में कुछ राजनीतिक प्रभाव वाले लोगों की भी भूमिका बताई जा रही है। वहीं प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है।



















