पूनरासर में आयोजित शिविर में कुछ घंटों में पूरी हुई प्रक्रिया, खाताधारकों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
NEXT 12 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर-2026 में शुक्रवार को ग्राम पंचायत पूनरासर में वर्षों से लंबित एक राजस्व प्रकरण का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। पैतृक भूमि के संयुक्त खाते के कारण परेशान सात खाताधारकों का खाता विभाजन शिविर में ही कर दिया गया, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली।

जानकारी के अनुसार भंवरनाथ, श्रीरामनाथ, देवनाथ, सांवतनाथ, दुर्गनाथ, भैधनाथ और पदमनाथ के नाम पैतृक जमीन का एक ही संयुक्त खाता था। संयुक्त मालिकाना हक होने के कारण उन्हें भूमि संबंधी विभिन्न कार्यों में तकनीकी एवं व्यावहारिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामला लंबे समय से लंबित होने के कारण यह उनके लिए चिंता का विषय बना हुआ था।
ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान भंवरनाथ ने अपनी समस्या संभागीय आयुक्त विश्राम मीणा के समक्ष रखी। इसके बाद शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा तथा तहसीलदार ने मामले के त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। राजस्व विभाग के कर्मचारियों ने सभी खाताधारकों को बुलाकर आपसी सहमति ली और मौके पर ही खाता विभाजन की प्रक्रिया पूरी कर दी।
वर्षों का इंतजार कुछ घंटों में खत्म
खाताधारकों ने बताया कि जिस कार्य के लिए वे लंबे समय से कार्यालयों के चक्कर लगा रहे थे, वह शिविर में कुछ ही घंटों में पूरा हो गया। खाता विभाजन होने के बाद सभी लाभार्थियों ने सरकार और प्रशासन का आभार जताया।
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम बन रहे शिविर
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार द्वारा 12 जून से 15 जुलाई 2026 तक प्रदेशभर में ग्रामीण सेवा शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। श्रीडूंगरगढ़ के पूनरासर में तोलाराम सुथार व अन्य 22 लोगों के राजस्व रिकॉर्ड में नाम सुधार किए गए। पूनरासर में 350 लोग इस शिविर से लाभान्वित हुए। वहीं समंदसर में 220 लोगों को शिविर का फायदा मिला।इन शिविरों में विभिन्न विभागों से जुड़ी जनसमस्याओं का मौके पर समाधान कर आमजन को राहत प्रदान की जा रही है। पूनरासर में हुआ यह खाता विभाजन शिविरों की उपयोगिता और प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण बनकर सामने आया है।























