NEXT 1 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। तहसील के ग्राम बाडेला में एक महिला के पैतृक खेत में खड़े रोहिड़ा के पेड़ों को काटने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के ही पांच लोगों ने मिलकर उसके खेत में लगे हरे पेड़ों को काट लिया और विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए धमकाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बसंती देवी पुत्री आसूदास स्वामी ने न्यायालय में एडवोकेट मोहनलाल सोनी के जरिये इस्तगासा पेश कर बताया कि उसका पैतृक खेत खसरा नंबर 195 में स्थित है, जिसमें उसका 1/32 हिस्सा है और वह लंबे समय से उस पर काश्त कर रही है।
पीड़िता के अनुसार, 10 मार्च 2026 को जब वह खेत पर पहुंची तो वहां लगे 5 हरे रोहिड़ा के पेड़ कटे हुए मिले। इस बारे में पूछने पर आरोपियों ने पेड़ काटने की बात स्वीकार करते हुए कहा कि वे लकड़ी का उपयोग कर चुके हैं और वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।
समझौते से किया इनकार
महिला ने बताया कि घटना के बाद समाज के लोगों ने समझौते की कोशिश की, लेकिन आरोपी हुलासदास पुत्र हरिदास, महावीर पुत्र मोहनदास और कानदास के पुत्र सांवरमल, बाबुलाल व भंवरदास ने साफ इनकार कर दिया।
न्यायालय की शरण में पहुंची पीड़िता
एडवोकेट दीपिका करनाणी ने बताया कि पीड़िता ने अब न्यायालय में इस्तगासा पेश किया है। उसने अदालत से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाकर उन्हें दंडित किया जाए।




















