वार्षिक स्नेह मिलन में बच्चों-महिलाओं की प्रतियोगिताएं, युवा उद्यमी दीर्घायु कौशिक का हुआ सम्मान
NEXT 29 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। प्रवासी संस्था सारस्वत समाज कुंडिय (कर्नाटक) के वार्षिक स्नेह मिलन समारोह में कालू निवासी किसन ओझा (कुंभाणा), बीकानेर को सर्वसम्मति से समाज का नया अध्यक्ष मनोनीत किया गया। यशवंतपुर स्थित श्री मेवाड़ जैन भवन में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में समाज के पुरुष, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता टीकमचंद मोट (श्रीडूंगरगढ़) ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भंवरलाल सारस्व (हेमेरा), सांवरमल गुरावा (चेन्नई), बृजलाल ओझा (कानपुर) और नंदकिशोर तांवणिया (रायसिंहनगर) मौजूद रहे। समारोह का आयोजन निवर्तमान अध्यक्ष रामकुमार मोट (बिनादेसर) के नेतृत्व में हुआ।
समारोह के पहले सत्र में सरस्वती पूजा एवं कुलदेवी की जोत प्रज्ज्वलित करने के बाद बच्चों और महिलाओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। 9 वर्ष तक के बच्चों में परिधि ओझा, किया गुरावा और किंयास गुरावा तथा 9 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में तानिया सारस्वा, आइना ओझा और गुनगुन सारस्वा ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिलाओं की प्रतियोगिता में ममता सारस्वा, पिंकी सारस्वा और रिंकू ओझा विजेता रहीं।
भोजन के बाद आयोजित दूसरे सत्र में भादासर तावणिया एवं इंदपालसर तावणिया परिवार के दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद नवागंतुक सदस्यों और अतिथियों का साफा एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। समाज के सदस्यों के विचार-विमर्श के बाद किसन ओझा को नई कार्यकारिणी का अध्यक्ष घोषित किया गया।
रिड़ी निवासी नरसीराम शर्मा ने बताया कि इस अवसर पर युवा उद्यमी दीर्घायु कौशिक का भी विशेष सम्मान किया गया। उनकी स्टार्टअप कंपनी अमेरिकी और यूरोपीय विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए कंसल्टेंसी के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि वे प्रधानमंत्री के “नौकरी पाने वाला नहीं, नौकरी देने वाला बनो” के संदेश को साकार कर रहे हैं।
कार्यक्रम का संचालन नंद सारस्वत ‘स्वदेशी’ ने किया। आयोजन को सफल बनाने में विनोद कुमार ओझा, मदन मोहन सारस्वा, राधेश्याम मोट, परमेश्वर ओझा, हरिदेव ओझा, मनोज कुमार मोट, कन्हैयालाल सारस्वा, दिनेश कुमार सारस्वा, इंद्रचंद सारस्वा, संजय सारस्वा, शैलेश सारस्वा, भीखमचंद सारस्वा, महेश सारस्वा (बींझासर) और पूनम मोट ने अहम भूमिका निभाई। अंत में टीकमचंद मोट एवं रामकुमार मोट ने सभी का आभार व्यक्त किया।




















