श्रीडूंगरगढ़ के 6 भामाशाहों ने दिए 32.52 लाख रुपए, सबसे अधिक सम्मान इसी क्षेत्र को
NEXT 29 जून, 2026 श्रीडूंगरगढ़। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले भामाशाहों और उन्हें प्रेरित करने वाले प्रेरकों का सोमवार को जिला परिषद सभागार में आयोजित 30वें जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह में सम्मान किया गया। समारोह में जिले के 13 भामाशाहों को ‘शिक्षा श्री’ और 9 प्रेरकों को सम्मानित किया गया। इनमें सबसे अधिक 6 भामाशाह श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के रहे, जिन्होंने सरकारी स्कूलों के विकास के लिए 32.52 लाख रुपए से अधिक का सहयोग दिया।

मुख्य अतिथि जिला कलक्टर निशांत जैन ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। शिक्षा के विकास में सहयोग देने वाले भामाशाह समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को स्वयं से बेहतर बनाने का कार्य करते हैं, इसलिए समाज को उनके प्रति सदैव कृतज्ञ रहना चाहिए। उन्होंने बीकानेर की दानवीर परंपरा का उल्लेख करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक सहयोग की अपेक्षा जताई।
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलजा पांडे ने कहा कि बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने पर विद्यार्थियों के परिणाम भी बेहतर होंगे। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की संयुक्त निदेशक डॉ. सुनीता चावला ने बताया कि एक लाख से 29.99 लाख रुपए तक सहयोग देने वाले भामाशाहों को जिला स्तर पर ‘शिक्षा श्री’ सम्मान दिया जाता है। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी किशनदान चारण ने बताया कि प्रदेश में अब तक भामाशाहों ने 1155.48 करोड़ रुपए का सहयोग दिया है, जबकि इस वर्ष ही 318 करोड़ रुपए शिक्षा के लिए दान किए गए हैं।
श्रीडूंगरगढ़ के इन भामाशाहों का रहा योगदान
- सीमा शर्मा (राउमावि सत्तासर) – ₹11.83 लाख
- सिराजुद्दीन पंवार (राबाउमावि टेऊ) – ₹10.50 लाख
- रचना शर्मा (राउमावि सत्तासर) – ₹5 लाख
- पूनमचंद दानाराम सुथार (राउमावि जाखासर) – ₹2.87 लाख
- रामलाल (राउमावि सूडसर) – ₹1.25 लाख
- संजय कुमार (राउमावि हनुमान धोरा) – ₹1.07 लाख
इन छह भामाशाहों ने सरकारी स्कूलों के लिए 32.52 लाख रुपए से अधिक का योगदान दिया। इनके अलावा पवन कुमार मोदी, बहादुर सिंह, सुनीता मीणा और अनुबाला को प्रेरक सम्मान से नवाजा गया।
समारोह में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष श्याम पंचारिया, डॉ. सत्यप्रकाश आचार्य, पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. विजय शंकर आचार्य, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. महेंद्र शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चंडीदान चारण ने किया।



















