बोलेरो से 13 पैकेट बरामद हुए थे, ऊपर-नीचे असली नोट और बीच में मिले थे कागज
NEXT 5 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। 500 रुपए के नोटों की नकली गड्डियां बनाकर ठगी करने के मामले में गिरफ्तार जसरासर निवासी बाबूलाल खाती को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर सेशन न्यायाधीश कृष्णकांत की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने इसे गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए कहा कि ऐसे मामले में जमानत का लाभ देना उचित नहीं है।
सुनवाई के दौरान अभियुक्त के अधिवक्ता ने दलील दी कि बाबूलाल लंबे समय से न्यायिक अभिरक्षा में है, इसलिए उसे जमानत पर रिहा किया जाए। वहीं अपर लोक अभियोजक सोहन नाथ सिद्ध ने विरोध करते हुए कहा कि मामला भारतीय मुद्रा के नोटों की कूटरचना और धोखाधड़ी से जुड़ा गंभीर आर्थिक अपराध है, इसलिए जमानत नहीं दी जानी चाहिए।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया अभियुक्त नकली नोटों की गड्डियां तैयार कर लोगों को धोखे में डालकर धनराशि हड़पने जैसे गंभीर आर्थिक अपराध में संलिप्त प्रतीत होता है। ऐसे में जमानत देने का कोई औचित्य नहीं बनता। इसके साथ ही अदालत ने बाबूलाल खाती की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
23 जून को बोलेरो से मिले थे 13 पैकेट
मामले के अनुसार 23 जून को सुबह करीब 5:10 बजे श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने घुमचक्कर पर बीकानेर की ओर से आ रही एक बोलेरो को रोककर जांच की थी। तलाशी के दौरान पुलिस को 500-500 रुपए के नोटों की गड्डियों के 13 पैकेट मिले। जांच में सामने आया कि गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट लगाए गए थे, जबकि बीच में साधारण कागज रखा गया था। इसके बाद पुलिस ने अनुसंधान के दौरान बाबूलाल खाती को गिरफ्तार किया था।




















