NEXT 28 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ में पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। एक महिला ने अपने ससुर के भाइयों, देवर, ससुर के भांजे सहित चार जनों के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, चोरी और पति को बंधक बनाने जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए श्रीडूंगरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस में दर्ज मामले के अनुसार, लिखमादेसर निवासी लिछमा पत्नी धनराज नाथ ने रिपोर्ट में बताया कि पहले विवाह से तलाक के बाद उसका दूसरा विवाह धनराज नाथ सिद्ध पुत्र बीरबल नाथ सिद्ध से हुआ था। विवाह के बाद उसके ससुर को छोड़कर परिवार के अन्य सदस्य इस रिश्ते से खुश नहीं थे और सास, देवर, देवरानी तथा ससुर के भाई आए दिन उसे परेशान करते थे। लगातार प्रताड़ना से तंग आकर वह श्रीडूंगरगढ़ के मोमासर बास स्थित अपने ससुर के पैतृक मकान में रहने लगी।
महिला ने बताया कि पुत्र जन्म के बाद उसके ससुर ने उसे सोने-चांदी के गहने दिए थे। ससुर की मृत्यु के बाद ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे घर छोड़कर पीहर जाने की धमकियां देनी शुरू कर दीं। आरोप है कि उन्होंने उसके पति को भी अपने पक्ष में कर लिया और पति व ससुर के नाम की जमीन तथा प्लॉट के दस्तावेज मांग लिए। उसने अपने भाई धर्मेंद्र और कुलदीप जाट मिस्त्री सहित अन्य लोगों की मौजूदगी में दस्तावेज उन्हें सौंप दिए, लेकिन इसके बाद भी प्रताड़ना बंद नहीं हुई। इससे परेशान होकर वह अपने पीहर चली गई।
रिपोर्ट में महिला ने आरोप लगाया कि उसके पीहर जाने के बाद आरोपी पति और ससुर के नाम की संपत्ति खुर्द-बुर्द करने लगे। आरोप है कि जगदीश नाथ, काननाथ, राकेश पुत्र जगदीश नाथ और विक्रम निवासी रीड़ी ने देवनारायण कॉलोनी स्थित उसके ससुर के मकान का ताला तोड़कर ट्यूबवेल की मशीन, ट्रैक्टर और लोहे के पाइप चोरी कर लिए। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके पति को बंधक बनाकर रखा हुआ है।
श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने परिवादिया की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच एएसआई देवाराम को सौंपी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।




















