NEXT 30 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के चंदनमल बाफना (72) ने मृत्यु के बाद भी मानवता की मिसाल पेश करते हुए नेत्रदान कर दो दृष्टिहीनों के जीवन में रोशनी की किरण जगाई। जीवन की अंतिम इच्छा के रूप में किए गए इस नेत्रदान को परिजनों की सहमति से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

परिवारजनों ने बताया कि स्व. बाफना ने जीवित रहते हुए ही नेत्रदान की भावना व्यक्त की थी। उनके निधन के बाद पत्नी सरोजदेवी, बहन मोहिनीदेवी मालू, पुत्रियां संगीता, बबीता, रंजीता, धर्मयशा व दामाद मनोज कुण्डलिया सहित परिजनों ने सहमति देकर इस पुण्य कार्य को पूर्ण कराया।
तेरापंथ युवक परिषद, श्रीडूंगरगढ़ के संयोजक अशोक झाबक के नेतृत्व में नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी हुई। इस कार्य के लिए लाला झंवर व प्रकाश झंवर ने प्रेरणा दी। नेत्र संग्रह का कार्य प्राणनाथ हॉस्पिटल, सरदारशहर के भंवरलाल प्रजापत व दिनेश शर्मा ने किया।
इस दौरान परिषद के अध्यक्ष विक्रम मालू, उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल, लाला झंवर, महेंद्र दूगड़, बाबूलाल बाफना, विकास मालू सहित अनेक समाजजन मौजूद रहे।
परिषद ने आमजन से मरणोपरांत नेत्रदान करने की अपील करते हुए कहा कि यह एक ऐसा दान है, जो किसी के जीवन का अंधकार दूर कर सकता है। नेत्रदान के लिए 9636288181 पर संपर्क किया जा सकता है।




















