बैंगलोर, सूरत, कोलकाता, देवघर और जयगांव से लेकर सिंगापुर तक उत्साह से मनाया पर्व, पारंपरिक संस्कृति की दिखी अनूठी झलक
NEXT 1 सितम्बर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कजरी तीज का पर्व इस बार केवल श्रीडूंगरगढ़ अंचल तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि यहां की मिट्टी और संस्कृति से जुड़े लोगों ने देश के विभिन्न शहरों से लेकर विदेश तक इस पर्व को पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया। दूर परदेश में रहकर भी श्रीडूंगरगढ़ अंचल के लोगों ने अपनी परंपराओं को जीवंत रखते हुए कजरी तीज की खुशियां साझा कीं।
श्रीडूंगरगढ़ अंचल सहित बैंगलोर, सूरत, कोलकाता, देवघर और जयगांव में बसे क्षेत्र के लोगों ने कजरी तीज का पर्व धूमधाम से मनाया। वहीं सिंगापुर सहित विदेशों में रह रहे प्रवासी लोगों ने भी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव बनाए रखते हुए पर्व को सानंद मनाया।
कहीं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा-अर्चना हुई तो कहीं महिलाओं ने एकत्रित होकर तीज के गीत गाए और उत्सव की खुशियां साझा कीं। पारंपरिक परिधानों और श्रृंगार से सजे इस पर्व में अपनी जड़ों और संस्कृति के प्रति लोगों का विशेष लगाव देखने को मिला।
हजारों किलोमीटर दूर, लेकिन परंपरा से जुड़े रहे लोग
श्रीडूंगरगढ़ से दूर देश और विदेश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे लोग भले ही अपने गांव-कस्बे से हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन कजरी तीज के अवसर पर उनकी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ाव साफ दिखाई दिया। लोगों ने अपने परिवार और समाज के साथ मिलकर पर्व मनाया और नई पीढ़ी को भी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का संदेश दिया।
कजरी तीज के अवसर पर देश-विदेश में श्रीडूंगरगढ़ अंचल की परंपरा की यह झलक एक बार फिर बताती है कि भौगोलिक दूरियां चाहे कितनी भी बढ़ जाएं, लेकिन अपनी मिट्टी, संस्कृति और त्योहारों से जुड़ाव लोगों के दिलों में हमेशा बना रहता है।





















































