NEXT 30 अगस्त, 2026 श्रीडूंगरगढ़। राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति ने वर्ष 2026 के राष्ट्रीय सृजन पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। समिति का सर्वोच्च मलाराम माली स्मृति साहित्यश्री सम्मान रोहतक के वरिष्ठ साहित्यकार मधुकांत को उनके समग्र साहित्यिक अवदान के लिए दिया जाएगा। वहीं डॉ. नंदलाल महर्षि स्मृति हिन्दी सृजन पुरस्कार जयपुर के कथाकार-उपन्यासकार डॉ. सूरजसिंह नेगी को उनकी कृति ‘भावेश जो कह न सका’ के लिए प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार समारोह 27 सितंबर को श्रीडूंगरगढ़ में होगा।
समिति अध्यक्ष श्याम महर्षि एवं उपाध्यक्ष डॉ. मदन सैनी ने बताया कि हिन्दी की विभिन्न विधाओं में श्रेष्ठ लेखन को प्रोत्साहित करने के लिए हर वर्ष राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार दिए जाते हैं। इस बार देश के 12 से अधिक राज्यों से प्रविष्टियां और प्रस्ताव मिले थे। चयन समिति ने कृतियों एवं रचनाकारों के मूल्यांकन के बाद पुरस्कारों का चयन किया।
मीरा जैन और लाल देवेंद्र श्रीवास्तव भी होंगे सम्मानित
समिति के मंत्री एवं पुरस्कार समिति संयोजक रवि पुरोहित ने बताया कि उज्जैन की साहित्यकार मीरा जैन को ‘हेल्थ हादसा’ व्यंग्य संग्रह के लिए श्री शिवप्रसाद सिखवाल स्मृति महिला लेखन पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं उत्तर प्रदेश के मड़वा नगर के वरिष्ठ बाल साहित्यकार लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव को ‘देश की मिट्टी है अनमोल’ के लिए श्यामसुन्दर नागला स्मृति बाल साहित्य पुरस्कार मिलेगा।
सतीश कुमार और अरविंद पथिक की कृतियों का चयन
किशनगढ़ के डॉ. सतीश कुमार को ‘भारत में लोकतंत्र’ के लिए सुरेश कंचन ओझा लेखन पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। वहीं गत वर्ष शुरू किए गए श्री चन्द्रमोहन हाड़ा हिमकर स्मृति उपन्यास लेखन पुरस्कार के लिए गाजियाबाद के साहित्यकार अरविंद पथिक की कृति ‘असभ्यता का आक्रमण’ का चयन हुआ है।
साहित्यिक संगोष्ठी भी होगी
आयोजन समन्वयक महावीर माली ने बताया कि पुरस्कार समारोह के साथ साहित्यिक संगोष्ठी आयोजित होगी। इसमें समकालीन साहित्य और समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा होगी। साहित्यश्री सम्मान के तहत 21 हजार रुपए नकद, जबकि अन्य पुरस्कारों में 11-11 हजार रुपए के साथ सम्मान-पत्र, स्मृति-चिह्न एवं शॉल प्रदान किए जाएंगे। रामकिशन उपाध्याय स्मृति समाज सेवा सम्मान एवं शब्द शिल्पी सम्मानों की घोषणा भी जल्द की जाएगी।



















