40% तक अनुदान मिलेगा, ड्रिप सिंचाई अनिवार्य; राजकिसान साथी पोर्टल पर शुरू हुए आवेदन
NEXT 21 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। जिले के किसानों को फलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) के तहत 54 हेक्टेयर क्षेत्र में नए फल बगीचे स्थापित करने का लक्ष्य तय किया गया है। योजना के तहत पात्र किसानों को फल बगीचा लगाने पर 40 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इच्छुक किसान राजकिसान साथी पोर्टल पर आवेदन कर योजना का लाभ ले सकते हैं।
उप निदेशक उद्यान (अनुसंधान) एटीसी प्रेमाराम ने बताया कि पहले यह अनुदान राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत मिलता था, लेकिन अब किसानों को राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना से लाभान्वित किया जाएगा।
सहायक निदेशक उद्यान मुकेश गहलोत ने बताया कि पपीता, बेल, बेर, आंवला, सीताफल, करौदा, कटहल और जामुन जैसे फलों के बगीचे के लिए 75 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत निर्धारित की गई है। वहीं मौसंबी, संतरा, किन्नू, अनार, अमरूद और नींबू के सामान्य बगीचे के लिए 1.25 लाख रुपए तथा उच्च सघनता वाले बगीचे के लिए 2 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर की इकाई लागत तय की गई है।
योजना के तहत सामान्य किसानों को अधिकतम 2 हेक्टेयर तक इकाई लागत का 40 प्रतिशत अनुदान मिलेगा। अनुसूचित क्षेत्रों के अनुसूचित जाति एवं जनजाति किसानों को 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। अनुदान दो चरणों में जारी होगा और दूसरे वर्ष में 80 प्रतिशत पौधे जीवित रहने पर शेष राशि का भुगतान किया जाएगा।
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को फल बगीचे के साथ पीडीएमसी सूक्ष्म सिंचाई योजना में आवेदन कर ड्रिप सिंचाई संयंत्र लगाना अनिवार्य होगा। ड्रिप संयंत्र के बिना किसी भी किसान को फल बगीचा स्थापना का अनुदान नहीं मिलेगा।
विभाग ने किसानों को प्रमाणित एवं ग्राफ्टेड पौधों का ही उपयोग करने की सलाह दी है। पौधे राजहंस नर्सरी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र, सरकारी संस्थानों या मान्यता प्राप्त निजी नर्सरियों से खरीदे जा सकेंगे। साथ ही बगीचे पर योजना संबंधी जानकारी वाला सूचना बोर्ड लगाना भी अनिवार्य होगा।




















