NEXT 4 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। दिवंगत सविता देवी सिंघी धर्मपत्नी योगेश सिंघी की स्मृति सभा रविवार को सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी लक्ष्यप्रभा के सान्निध्य मालू भवन में हुई। जैन समाज सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के लोगों ने सविता देवी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सरल, मिलनसार और सहनशील व्यक्तित्व को याद किया।

साध्वी लक्ष्यप्रभा ने कहा कि दुनिया में इंसान हंसता भी है और रोता भी है। भगवान तब रोते हैं, जब दो भाई आपस में लड़ते हैं। उन्होंने कहा कि इंसान इस दुनिया में आता है और एक दिन चला जाता है। जिस तरह भरी दोपहरी में सूर्य भी कभी छिप जाता है, उसी तरह जीवन भी समय से पहले अस्त हो सकता है। व्यक्ति के अच्छे-बुरे होने की पहचान उसके जाने के बाद होती है।
उन्होंने कहा कि सविता देवी होनहार, समझदार और मिलनसार होने के साथ अहंकारमुक्त एवं सरल स्वभाव की महिला थीं। शारीरिक पीड़ा और विषम परिस्थितियों के बावजूद उनके चेहरे पर सहनशीलता और जीवटता दिखाई देती थी। उन्होंने कहा कि सविता ने अध्यात्म को अपने जीवन में आत्मसात कर लिया था।
दिवंगत के पति योगेश सिंघी ने भावुक होते हुए कहा कि सविता को शारीरिक पीड़ा थी, लेकिन उसके अंदर गजब की जीवटता थी। दर्द उसे था, डर मुझे था, लेकिन उसे बिल्कुल भय नहीं था। उन्होंने कहा कि सविता ने विपरीत परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं छोड़ी।
स्मृति सभा में विधायक ताराचन्द सारस्वत, श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, पालिकाध्यक्ष नारायण कलाणी, गौ सेवा संघ के जिला उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी, नगरपालिका उपाध्यक्ष विनोद गिरि गुसाईं, कांग्रेस नेता केसराराम गोदारा, पूर्व अध्यक्ष शिव स्वामी, श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के ट्रस्टी जसराज मालू, राजगुरु पं. देवीलाल उपाध्याय, सभा मंत्री प्रदीप पुगलिया, तेयुप मंत्री पीयूष बोथरा, महिला मंडल उपाध्यक्ष मधु झाबक, एडवोकेट रणवीर सिंह खीची, विजयराज सेठिया, रामदेव बोहरा, तुलसीराम चौरड़िया, पन्नालाल पुगलिया, पार्षद अंजू पारख और शिक्षाविद विजयराज सेवग सहित अन्य लोगों ने भावाभिव्यक्ति दी।
संगीता दुगड़ ने आचार्य महाश्रमण एवं साध्वी प्रमुखा विश्रुतविभा के संदेशों का वाचन किया। परिजनों की ओर से हनुमान सिंघी और साध्वी पुनीत प्रभा ने भी विचार रखे। कार्यक्रम में कमल सिंघी, हरि भादू, श्रीगोपाल राठी, प्रेम पारख, रेखा पारख, सुमति पारख, साहित्यकार श्याम महर्षि, बजरंग सोमाणी, महेंद्र मालू, सुशील सेरडिया, धनराज पुगलिया, कांति कुमार पुगलिया, फुसराज पुगलिया, तिलोकचंद हिरावत, शेखर दुगड़, मनोज पारख, विनोद राठी सहित अनेक सामाजिक व राजनीतिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन केएल जैन ने किया।
16 सितंबर को कटक में हुआ था निधन: सविता देवी समंदसर-श्रीडूंगरगढ़ निवासी एवं कटक प्रवासी मोहनलाल सिंघी की पुत्रवधु थीं। उनका 16 सितंबर को कटक में निधन हुआ था। शुक्रवार को शोक संतप्त परिवार ने लाडनूं पहुंचकर आचार्य महाश्रमण के दर्शन किए और आध्यात्मिक सम्बल प्राप्त किया।

























