‘पूछता है श्रीडूंगरगढ़’ टीम का आरोप- शिकायतों और जनसुनवाई के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, कई स्थानों पर बिना सुरक्षा के खुले मिले ट्यूबवेल
NEXT 1 जुलाई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र में जलदाय विभाग के खुले पड़े सरकारी बोरवेल लोगों की जान पर भारी पड़ सकते हैं। सामाजिक संगठन “पूछता है श्रीडूंगरगढ़” ने इस गंभीर मामले को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा के माध्यम से प्रेषित किया गया है।

संगठन के शूरवीर मोदी ने बताया कि 30 जून को टीम के सदस्यों सत्यनारायण टाक, विकास सैन और रोहित महर्षि ने धोलिया रोड, कालू रोड, सालासर छोटा के कच्चे मार्ग, वन क्षेत्र, रेलवे लाइन के समीप, बीदासर रोड तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर जयपुर की ओर करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान कई सरकारी ट्यूबवेल खुले पड़े मिले, जहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इस संबंध में पहले भी कई बार जनसुनवाई, लिखित शिकायतों तथा राजस्थान संपर्क पोर्टल के माध्यम से शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन जलदाय विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। संगठन का कहना है कि पिछले माह कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा की जनसुनवाई में भी अधिकारियों ने 25 जून तक सभी खुले ट्यूबवेल बंद करने का आश्वासन दिया था, जबकि इससे पहले 9 अप्रैल को जिला कलेक्टर की जनसुनवाई में भी 15 दिन का समय मांगा गया था। इसके बावजूद अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री से मांग की गई है कि श्रीडूंगरगढ़ के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खुले पड़े सभी सरकारी बोरवेलों का सर्वे करवाकर जियो-टैग फोटो सहित सूची तैयार कराई जाए तथा जिला स्तरीय अधिकारी की निगरानी में सभी बोरवेलों को तत्काल सुरक्षित बंद कराया जाए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
शूरवीर मोदी ने कहा कि यदि समय रहते खुले बोरवेल बंद नहीं किए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और अधिकारियों की होगी।



























