78 वर्षीय कमला देवी दूगड़ के निधन के बाद परिजनों ने करवाया नेत्रदान, दु:ख की घड़ी में पेश की मानवता की मिसाल
NEXT 19 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अपनों के बिछड़ने का दु:ख जीवन का सबसे कठिन समय होता है, लेकिन इसी दु:ख की घड़ी में लिया गया सेवा का संकल्प दूसरों के जीवन में नई उम्मीद जगा सकता है। श्रीडूंगरगढ़ निवासी स्वर्गीय कमला देवी दूगड़ (78) के निधन के बाद उनके परिजनों ने नेत्रदान करवाकर मानवता की मिसाल पेश की। कमला देवी का निधन गत रविवार 18 अक्टूबर को हुआ। उनके नेत्रदान से दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है।

स्वर्गीय जेठमल दूगड़ की धर्मपत्नी कमला देवी के नेत्रदान में उनके पुत्र चन्द्रसेन दूगड़, पुत्रवधू अंजूदेवी, पौत्र यश, आकाश, युवराज और दामाद रतनलाल गंग सहित परिवारजनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। नेत्रदान के लिए विमल गंग एवं सुमित बरड़िया ने परिजनों को प्रेरित किया।
नेत्रदान की प्रक्रिया प्राणनाथ हॉस्पिटल के आई बैंक के सहयोग से संपन्न हुई। इस पुनीत कार्य में तेरापंथ युवक परिषद् श्रीडूंगरगढ़ के प्रवृत्ति सलाहकार अशोक झाबक की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, ABTYP के नेत्रदान राष्ट्रीय प्रभारी कैलाश तातेड़ एवं थली प्रभारी लोकेश सेठिया के मार्गदर्शन से सेवा कार्य को गति मिली।
कई गणमान्यजन रहे मौजूद
इस अवसर पर इंदरचंद चौरड़िया, नरेंद्र बोथरा, सुमन देवी बेद, रंजू देवी गंग, मुदिता बोथरा, सुनील राठी, राधेश्याम दर्जी, श्याम सोमाणी, रौनक पारख, पारस बोथरा, हरीश चौरड़िया, देवी लाल उपाध्याय, चन्द्रसेन पुगलिया, ईशू चोरड़िया, विमल गंग, हर्ष गंग, भवानी सैनी, धनपत राय मालू, निर्मलजी बेगवानी, जीनू झाबक, नवीन झाबक, किशन सुथार एवं रणजीत भंसाली सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने दिवंगत कमला देवी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के निर्णय की सराहना की।
दूसरों को भी मिलेगी प्रेरणा
कमला देवी दूगड़ के परिजनों ने दुख की घड़ी में नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश दिया। नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में उजाला लाने का माध्यम बन सकता है। परिवार की इस पहल से समाज में नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ने और अन्य लोगों को भी इस पुनीत कार्य के लिए प्रेरित होने की उम्मीद है।





























