धुनुची नृत्य, डांडिया और धूप आरती होंगे आकर्षण, 21 अक्टूबर को सिंदूर खेला के बाद निकलेगी विसर्जन यात्रा
NEXT 16 अक्टूबर, 2026 श्रीडूंगरगढ़। कस्बे के बिग्गा बास में शारदीय नवरात्र के अवसर पर बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी। यहां हरिरामजी मंदिर के पास लगातार पांचवें वर्ष बंगाली दुर्गा पूजा भक्त मंडल की ओर से भव्य दुर्गा पूजा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर आकर्षक पंडाल सजाया गया है। आज विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। इसके साथ ही पांच दिवसीय धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी।

धुनुची नृत्य और धूप आरती रहेंगे खास आकर्षण
महोत्सव के दौरान 17 से 20 अक्टूबर तक प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इनमें डांडिया, धुनुची नृत्य और धूप आरती विशेष आकर्षण रहेंगे। बंगाल की प्रसिद्ध दुर्गा पूजा परंपराओं के अनुरूप आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों में श्रद्धालुओं को यहां की सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिलेगी। पांचों दिन शाम 8 बजे मां दुर्गा की महाआरती होगी, जिसमें श्रद्धालु शामिल होकर पूजा-अर्चना करेंगे।
21 अक्टूबर को सिंदूर खेला के साथ मां को देंगे विदाई
महोत्सव का समापन 21 अक्टूबर को होगा। इस दिन सुबह 10 बजे पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाज के अनुसार मां दुर्गा को सिंदूर और गुलाल अर्पित कर विदाई दी जाएगी। इसके बाद कस्बे के मुख्य बाजार से मां दुर्गा की आकर्षक झांकी निकाली जाएगी। शोभायात्रा के बाद विधि-विधान के साथ लूणकरणसर के नहरी क्षेत्र में प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा।
परिवार सहित शामिल होने का आह्वान
बंगाली दुर्गा पूजा भक्त मंडल के सदस्यों ने कस्बेवासियों और श्रद्धालुओं से महोत्सव में परिवार सहित शामिल होने का आह्वान किया है। आयोजकों के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य मां दुर्गा की आराधना के साथ बंगाल की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को श्रीडूंगरगढ़ में जीवंत बनाए रखना है।































