NEXT 14 अप्रैल, 2026 श्रीडूंगरगढ़। अटपटे और अर्थहीन नाम अब राजस्थान के स्कूलों में बदले जा सकेंगे। शिक्षा विभाग ने बच्चों के आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास को ध्यान में रखते हुए ‘सार्थक नाम अभियान’ शुरू किया है।
इस पहल के तहत विभाग ने 2950 नए और अर्थपूर्ण नामों की सूची तैयार की है, जिसमें 1541 छात्राओं और 1409 छात्रों के नाम शामिल हैं। इन नामों के साथ उनके अर्थ भी बताए जाएंगे, ताकि अभिभावक सही विकल्प चुन सकें।
पेरेंट्स की सहमति से ही बदले जाएंगे नाम
शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी बच्चे का नाम बदलने के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया अभिभावकों की सहमति से ही पूरी होगी।
आत्मविश्वास बढ़ाने पर फोकस
शिक्षा विभाग का मानना है कि नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व और सामाजिक छवि का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। अटपटे या नकारात्मक नामों के कारण बच्चों को कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनके मानसिक विकास पर असर पड़ता है।
PTM और SMC बैठकों में दी जाएगी जानकारी
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) और स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की बैठकों के जरिए इस अभियान की जानकारी दें। शिक्षकों को भी संवेदनशील तरीके से ऐसे बच्चों की पहचान करने और उनके माता-पिता को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
एडमिशन के समय मिलेगा नाम चुनने का विकल्प
पहली कक्षा में प्रवेश के समय ही अभिभावकों को यह सूची दिखाई जाएगी, जिससे वे बच्चों के लिए उपयुक्त नाम चुन सकें। पहले से पढ़ रहे छात्रों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर नाम बदला जा सकेगा।
नियमित मॉनिटरिंग करेगा विभाग
शिक्षा विभाग के अधिकारी इस अभियान की प्रगति पर लगातार नजर रखेंगे और समय-समय पर रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी।
उद्देश्य साफ है- बच्चों में आत्मसम्मान और सकारात्मक पहचान विकसित करना।



















