NEXT 14 मई, 2026 श्रीडूंगरगढ़। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से “सुखद दाम्पत्य जीवन योजना” के तहत दिव्यांग युवक-युवतियों को विवाह के बाद आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना का उद्देश्य दिव्यांग दंपत्तियों को सुखद वैवाहिक जीवन के लिए आर्थिक संबल प्रदान करना है।
संयुक्त निदेशक एल.डी. पंवार ने बताया कि 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले पात्र दंपत्तियों को एकमुश्त 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। वहीं 80 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता होने पर 5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा वधु की आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। परिवार की वार्षिक आय सभी स्रोतों से 2.50 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।
आवेदन के लिए निःशक्तता प्रमाण-पत्र, जन्म तिथि प्रमाण-पत्र, आय संबंधी शपथ पत्र, विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज जरूरी होंगे। पात्र दिव्यांगजन विवाह तिथि से 6 माह के भीतर ई-मित्र कियोस्क या स्वयं की एसएसओ आईडी के माध्यम से एसजेएमएस डीएसएपी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।



















